Essay on Phool ki Atmkatha

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In Hindi:

मैं एक फूल हूँ । मैं प्रकृति की सबसे सुंदर कृति हूँ , मुझमें खुशबू के साथ रंगों का भी समावेश देखा जाता है। यदि मैं न होती, तो उपवन, बगीचे की कल्पना करना मुश्किल है।मैं कोमल, सुंदर और खुशबूदार हूँ। मैं कवि, रसिकों तथा साधारण जन सबकी प्रिय हूँ। मैं उदास व्यक्ति के चेहरे तक पर हँसी ले आती हूँ। इसलिए जहाँ देखों वहाँ मेरे प्रति प्रेम दिखायी पड़ जाता है। किसी की शव-यात्रा हो, जन्म-दिन हो, विवाह-उत्सव हो या प्रेम-निवेदन हो, हर जगह मेरी आवश्कता पड़ती है।

In English:

I am a flower. I am one of the best products of the nature. In me I have a good mix of Scent and beautiful colours too. If I am not there It would have been difficult to imagine a garden. I am delicate, pretty and full of good smell. I am the dear of Poets and common man. I can bring smile to a sad face. That’s why everywhere there is love for me. Whether it is funeral, wedding or the Romance, I am always there.

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